आस्था के आगे मौसम पस्त: केदारनाथ में बर्फबारी और बदरी-यमुनोत्री में बारिश के बीच उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम के कड़े तेवरों के बावजूद चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है। सोमवार को जहाँ केदारनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी ने कड़ाके की ठंड बढ़ा दी, वहीं बदरीनाथ और यमुनोत्री धाम में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रकृति की इस अग्निपरीक्षा पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ती दिखाई दे रही है।
केदारनाथ धाम में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी और गिरते पारे के बीच बाबा के दर पर भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा शुरू होने के मात्र 12 दिनों के भीतर ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति के कर्मचारी मुस्तैदी से डटे हुए हैं, जो बर्फबारी के बीच यात्रियों को कतारबद्ध कर सुगम दर्शन सुनिश्चित करा रहे हैं। यमुनोत्री धाम और यमुना घाटी में तेज गर्जना के साथ हुई बारिश ने ठंड में भारी इजाफा कर दिया है। जानकीचट्टी और पैदल मार्गों पर आवाजाही फिलहाल सुचारू है, लेकिन धाम में बारिश से बचाव के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण तीर्थयात्रियों को इधर-उधर शरण लेनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। खराब मौसम और हिमालयी क्षेत्रों में बदलती परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। यात्री अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े और रेनकोट अवश्य रखें। जरूरी दवाइयां और मेडिकल किट साथ लेकर चलें। मौसम की चेतावनी को देखते हुए ही अपनी आगे की यात्रा प्लान करें। प्रशासन और पुलिस बल हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि कठिन मौसम में भी भक्तों की यह आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित और सफल बनी रहे।