मौसम ने रोका रास्ता तो राहुल गांधी ने वीडियो कॉल से बढ़ाया ढांढस: अंकिता के माता-पिता को दिल्ली बुलाया; 'अग्निवीर' पर भी साधा निशाना
उत्तराखंड में आए अचानक मौसम के बदले मिजाज ने भले ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का रास्ता रोक दिया हो, लेकिन वे तकनीक के जरिए देवभूमि की जनता और न्याय की आस में बैठे एक पीड़ित परिवार से जुड़ने में कामयाब रहे। गुरुवार, 4 जून को राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे थे, जहां पौड़ी के कंडोलिया मैदान में उन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और पूर्व सैनिक जुटे थे।
पंतनगर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद खराब मौसम और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण उनके विमान को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली, जिसके चलते उन्हें अपने अल्मोड़ा, पौड़ी और देहरादून के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली लौटना पड़ा। राहुल गांधी के पौड़ी दौरे का सबसे मुख्य एजेंडा अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात करना था, जो बेटी के न्याय के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। दौरा रद्द होने से निराश अंकिता के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तत्काल राहुल गांधी से संपर्क साधा और फोन पर वीडियो कॉल के जरिए अंकिता के माता-पिता की बात नेता प्रतिपक्ष से कराई। वीडियो कॉल के दौरान अंकिता के माता-पिता काफी भावुक नजर आए और उन्होंने राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई। इस पर राहुल गांधी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें आश्वस्त किया और कहा "मेरे घर के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार जब चाहें दिल्ली आ सकते हैं। गणेश गोदियाल जी के माध्यम से समय तय कर लीजिए, मैं आपसे दिल्ली में विस्तार से मुलाकात करूँगा। भले ही राहुल गांधी कंडोलिया मैदान नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर दौरा निरस्त होने की जानकारी साझा करने के बाद जनता को वर्चुअली संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य और देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर चर्चा की। उनके निशाने पर मुख्य रूप से केंद्र सरकार की 'अग्निवीर योजना' रही। पहले सेना में शहीद होने वाले जवानों के परिवारों की दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती थी, लेकिन अग्निवीर ने युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। यह योजना देश के युवाओं के हितों के अनुरूप नहीं है और इससे उनके करियर व सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। राहुल गांधी ने उत्तराखंड की जनता से वादा किया कि वे इस अधूरे दौरे को पूरा करने के लिए बहुत जल्द दोबारा देवभूमि आएंगे। स्थानीय कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी को देखने और सुनने के लिए पौड़ी गढ़वाल में जनसैलाब उमड़ा हुआ था। मौसम की मार के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और उन्होंने पंडाल में लगी बड़ी स्क्रीन पर राहुल गांधी के वर्चुअल संबोधन को सुना। नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय दिलाने और उत्तराखंड के युवाओं के हक की लड़ाई में कांग्रेस पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।