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जब भी गूंजेंगे पुराने गीत, नम हो जाएंगी आंखें...! आशा भोसले के निधन से टूट गया संगीत प्रेमियों का दिल, हमेशा के लिए खामोश हुई सुरों की मलिका

editor
  • Awaaz Desk
  • April 12, 2026 09:04 AM
Whenever old songs resonate, our eyes will become moist...! Music lovers are heartbroken by the passing of Asha Bhosle, the queen of melody has been silenced forever.

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम संगीत युग की पहचान और सुरों की अद्भुत जादूगरनी आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल फिल्म जगत, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा, ऊर्जा से भरपूर गायकी और हर शैली में ढल जाने की अद्भुत क्षमता के कारण ‘आशा ताई’ ने भारतीय संगीत को एक नई पहचान दी। उनका जाना एक ऐसे युग का अंत है, जिसकी गूंज आने वाली पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी।

संगीत का ऐसा सफर, जो बना इतिहास
साल 1943 में मराठी फिल्म माझा बाळ से अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा भोसले ने करीब सात दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उन्होंने 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी। यही नहीं, साल 2011 में Guinness World Records ने उन्हें ‘Most Recorded Artist’ का खिताब देकर सम्मानित किया। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, भोजपुरी, अंग्रेजी और रूसी सहित 20 से अधिक भाषाओं में गायन कर अपनी कला का परचम पूरी दुनिया में लहराया।

हर दौर, हर अंदाज में बेमिसाल
आशा भोसले की आवाज की खासियत यह थी कि वह हर मूड और हर शैली में खुद को ढाल लेती थीं—चाहे रोमांटिक गीत हों, ग़ज़लें, कैबरे, लोकधुन या पॉप। उनकी आवाज में एक अलग ही अदाकारी थी, जो सीधे दिल तक पहुंचती थी। यही वजह है कि उनके गाए गीत आज भी उतने ही ताजगी भरे लगते हैं, जितने रिलीज के समय थे।

सदाबहार गीत, जो हमेशा रहेंगे याद
पिया तू अब तो आजा (फिल्म: कारवां) – बोल्ड और आइकॉनिक अंदाज
दम मारो दम (फिल्म: हरे रामा हरे कृष्णा) – युवा संस्कृति का प्रतीक
चुरा लिया है तुमने जो दिल को (फिल्म: यादों की बारात) – रोमांस की मिसाल
इन आंखों की मस्ती (फिल्म: उमराव जान) – शास्त्रीय भावनाओं की गहराई
ये मेरा दिल (फिल्म: डॉन) – स्टाइल और एनर्जी का मेल
दिल चीज क्या है – रूहानी एहसास
ओ हसीना जुल्फों वाली (फिल्म: तीसरी मंजिल) – पार्टी क्लासिक
मेरा कुछ सामान (फिल्म: इजाजत) – भावनात्मक गहराई
राधा कैसे न जले (फिल्म: लगान) – लोक और शास्त्रीय संगम
आओ हुजूर तुमको (फिल्म: किस्मत) – ग्लैमरस अंदाज

अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रैंड’ में पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एक युग का अंत
आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत की आत्मा थीं। उनकी आवाज ने हर पीढ़ी को जोड़ा, हर भावना को शब्द और सुर दिए। उनका जाना एक ऐसी खामोशी छोड़ गया है, जिसे भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा। लेकिन उनके गीत—हमेशा, हर दिल में, हर दौर में—जिंदा रहेंगे।


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