विश्व बाघ दिवस: नैनीताल ज़ू में बच्चों ने बिखेरे रंग, वन विभाग ने दिखाई हाई-टेक निगरानी की ताकत
नैनीताल। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर नैनीताल स्थित प्रसिद्ध गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान (नैनीताल ज़ू) में बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूकता की एक अनोखी पहल की गई। वन विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में स्थानीय विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पेंटिंग व क्विज़ प्रतियोगिताओं के माध्यम से वन्यजीवों की सुरक्षा का खूबसूरत संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के लिए क्विज़ प्रतियोगिता और चित्रकला (पेंटिंग) स्पर्धा का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के ज़रिए बाघों के घटते प्राकृतिक आवास और उनके संरक्षण की आवश्यकता को बखूबी उकेरा। आयोजकों का मानना है कि जब तक नई पीढ़ी वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील नहीं होगी, तब तक संरक्षण के प्रयास अधूरे हैं। कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारी आनंद लाल ने बताया कि वन विभाग अब बाघों और अन्य वन्यजीवों की निगरानी के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी के लिए निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। इनसे जंगलों की गतिविधियों पर लाइव और सतत नज़र रखी जाती है। रात के अंधेरे में वन्यजीवों की लोकेशन ट्रैक करने और आपातकालीन रेस्क्यू अभियानों को सटीक बनाने में ये काफी कारगर साबित हो रहे हैं। किसी भी संभावित खतरे या अवैध गतिविधि की स्थिति में तुरंत वन कर्मियों को सूचना भेजता है। वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि आधुनिक तकनीक और जन-जागरूकता का यह संगम बाघों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है। नैनीताल ज़ू में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल बच्चों में उत्साह भरा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी प्रकृति के इस महत्वपूर्ण प्रहरी की रक्षा का संकल्प दिलाया।