वाह नीरज आपपर सबको नाजः ...तू भी राणा का वंशज है, फेंक जहां तक भाला जाए! वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को सिल्वर! 19 साल बाद मिला मेडल तो झूम उठे देशवासी
वर्ल्ड ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने अमेरिका के यूजीन में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने 88.13 मीटर भाला फेंक कर यह मेडल हासिल किया। इस दौरान गोल्ड मेडल ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने जीता, उन्होंने 90.46 मीटर भाला फेंका। इसी इवेंट में भारत के रोहित यादव भी थे। वे 78.72 मीटर भाला फेंककर 10वीं पोजिशन पर रहे। उधर नीरज की इस उपलब्धि से पूरे देश में आज जश्न का माहौल है। वैसे तो देशभर के लोग आज सुबह से ही टीवी से चिपके हुए थे, लेकिन पानीपत में नीरज के गांव में हलचल कुछ ज्यादा थी। नीरज के घर पर गांववालों का जमावड़ा था। जैसे ही मेडल पक्का हुआ सभी उछल पड़े और लड्डू बंटने लगे। नीरज की मां, चाची, दादी, आसपास की महिलाएं नाचने गाने लगीं।
यहां देखें घर में किस तरह मनाया जा रहा जश्न... https://twitter.com/ANI/status/1551052894090055682?s=20&t=EIftQIFClKwN9Px0daLxBg
उधर नीरज चोपड़ा द्वारा इतिहास रचने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'हमारे सबसे प्रतिष्ठित एथलीटों में से एक नीरज द्वारा एक और बड़ी उपलब्धि के लिए उनको बहुत बधाई। यह भारतीय खेलों के लिए एक विशेष क्षण है। नीरज को उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
आपको बता दें कि 39 साल से चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भले ही भारत का गोल्ड जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया हो। लेकिन सिल्वर पदक जीतकर 19 साल बाद देश को इस चैंपियनशिप में मेडल मिला है। नीरज से पहले अंजू बॉबी जार्ज ने लॉन्ग जंप में 2003 में ब्रॉन्ज जीता था। नीरज इस चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। साथ ही वे पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं, जिन्होंने इस चैंपियनशिप में कोई मेडल जीता है।
नीरज ने पहला राउंड पूरा होने के बाद दूसरी बार फिर दौड़ लगाई। लेकिन, भाला उम्मीद के मुताबिक नहीं गया। वह महज 82.39 मीटर ही फेंक पाए। धड़कनें अब और बढ़ गई थीं। लग रहा था नीरज आज अपने रंग में नहीं हैं। मेडन की उम्मीद धुंधली होती जा रही थी। तीसरे राउंड में नीरज ने जोर ज्यादा लगाया। भाला इस बार 86.37 मीटर तक गया। लेकिन यह मेडल तक पहुंचने के लिए नाकाफी था। तीसरे राउंड तक वह अब चौथे नंबर पर थे। उम्मीद जैसे खत्म हो चुकी थी। गोल्ड के लिए उन्हें 90 के पार जाना था, जो फेंककर एंडरसन पीटर्स नंबर वन पर थे।