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पश्चिम बंगाल में चला 'योगी मॉडल': हावड़ा स्टेशन पर आधी रात को गरजा बुलडोजर,अवैध दुकानें जमींदोज, मंत्री बोले-अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं

editor
  • Tapas Vishwas
  • May 17, 2026 07:05 AM
'Yogi Model' Implemented in West Bengal: Bulldozers Roar at Howrah Station at Midnight; Illegal Shops Razed to the Ground—Minister Declares: "Encroachment Will Not Be Tolerated."

कोलकाता। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब पश्चिम बंगाल में भी 'बुलडोजर मॉडल' की धमक सुनाई देने लगी है। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में प्रशासनिक अमले ने रविवार तड़के एक बड़ा कदम उठाते हुए हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया। आधी रात के बाद शुरू हुई इस औचक कार्रवाई में गंगा घाट से लेकर मुख्य स्टेशन परिसर तक फैले क्षेत्र में अवैध रूप से बने अस्थायी ढांचों और दुकानों को बुलडोजरों और अर्थमूवर मशीनों की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के हिंसक विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और हावड़ा नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था।

हावड़ा स्टेशन को देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे टर्मिनलों में से एक माना जाता है। स्टेशन के निकास द्वारों, बस स्टैंड और गंगा घाट के पास फुटपाथों पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठी अस्थायी दुकानों के कारण यात्रियों को रोजाना भारी भीड़ और असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। यात्रियों की इसी असुविधा को दूर करने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने आधी रात के बाद ऑपरेशन शुरू किया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस ने पहले पूरे इलाके में मजबूत बैरिकेडिंग की और फिर कई बुलडोजरों ने एक साथ सड़क किनारे चल रही प्लास्टिक के सामान, खाने-पीने के स्टॉल और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानों को ढहाना शुरू कर दिया। हालांकि, रेलवे ने इसे एक रूटीन और नियमित सफाई अभियान का हिस्सा बताया है। इस अचानक हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई से नाराज स्थानीय फेरीवालों और दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बेदखली का विरोध कर रहे कुछ वेंडर्स और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर भारी तनाव फैल गया। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया। प्रभावित फेरीवालों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी दुकानें हटाने के लिए कोई पूर्व सूचना या पर्याप्त समय नहीं दिया गया। दशकों से वहां स्टॉल चला रहे एक बुजुर्ग वेंडर ने रुंधे गले से कहा, "स्टेशन का सुंदरीकरण और उचित प्रबंधन बिल्कुल होना चाहिए, लेकिन हम गरीब दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी सरकार को करनी चाहिए। अगर हमारा पुनर्वास नहीं हुआ, तो हमारे पास आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। इस कार्रवाई पर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इस कड़े कदम का खुलकर समर्थन करते हुए साफ कर दिया है कि राज्य में अब अवैध निर्माणों की खैर नहीं है। उन्होंने कहा, "अब पूरे देश में बुलडोजर चलेंगे। जहां भी अवैध निर्माण या कब्जा होगा, वहां बुलडोजर तैनात किए जाएंगे। बंगाल में सत्ता में आई नई सरकार ने पहले दिन से ही इस कड़े रुख की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान रविवार सुबह भी जारी रहा और एहतियात के तौर पर स्टेशन के आसपास के संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।


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