अब व्हाट्सएप्प पर बनेगा आपका आयुष्मान कार्ड,सरकार ने लॉन्च किया आयुष्मान सारथी' चैटबॉट, घर बैठे डाउनलोड होगा 5 लाख का मुफ्त इलाज कार्ड!
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' का लाभ उठाना अब बेहद आसान हो गया है। देश के करोड़ों नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के बाद, सरकार ने अब इस योजना को सीधे जनता की जेब यानी उनके मोबाइल फोन से जोड़ दिया है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने एक विशेष पहल करते हुए 'आयुष्मान सारथी' नाम का एक आधिकारिक व्हाट्सएप्प चैटबॉट लॉन्च किया है। इसके जरिए अब पात्र लोग बिना किसी जन सेवा केंद्र या अस्पताल के चक्कर काटे, सीधे अपने घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से अपना नया आयुष्मान कार्ड बना सकते हैं और उसे तुरंत डाउनलोड भी कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस अत्याधुनिक चैटबॉट को योजना के डिजिटल सिस्टम के साथ 'एपीआई बेस्ड इंटीग्रेशन' तकनीक का इस्तेमाल करके डिज़ाइन किया गया है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को पूरी तरह सुरक्षित माहौल में रियल-टाइम एक्सेस प्रदान करती है, यानी आप दिन हो या रात, 24 घंटे में कभी भी इस डिजिटल सेवा का लाभ उठा सकते हैं। व्हाट्सएप के जरिए अपना आयुष्मान कार्ड बनाने या डाउनलोड करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले अपने मोबाइल में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी का आधिकारिक नंबर +91 72908 23838 सेव करें या सीधे व्हाट्सएप सर्च बार में इसे ढूंढें। इस नंबर के चैट बॉक्स में जाकर अंग्रेजी में Hi" या "Hello"लिखकर भेजें। Hi या "Hello भेजते ही चैटबॉट सक्रिय हो जाएगा और आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। इसमें से आपको 'Create Ayushman Card' का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद चैटबॉट आपसे जुड़ी जरूरी जानकारियां (जैसे मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी विवरण) मांगेगा, जिसे दर्ज करने के बाद आपके पास एक वन-टाइम पासवर्ड आएगा। ओटीपी दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा करें और अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सबमिट करें। इसके तुरंत बाद आपका डिजिटल आयुष्मान कार्ड तैयार हो जाएगा, जिसे आप वहीं से सीधे पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। आयुष्मान सारथी' केवल कार्ड बनाने तक सीमित नहीं है। इस सिंगल विंडो चैटबॉट पर उपयोगकर्ता योजना से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। कोई भी नागरिक घर बैठे यह जान सकता है कि वह इस योजना के लिए पात्र है या नहीं। यहाँ आप अपने कार्ड को आधार से लिंक करने और ई-केवाईसी जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। 70 साल और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए बनने वाले 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' की सभी सेवाएं भी इसी चैटबॉट पर उपलब्ध करा दी गई हैं। आप अपने नजदीकी क्षेत्र में योजना के तहत एम्पैनल्ड (पंजीकृत) अस्पतालों की सूची देख सकते हैं और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल इंडिया की दिशा में सरकार का यह कदम दूरदराज के ग्रामीणों और तकनीकी रूप से कम जागरूक लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।