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अंकिता भंडारी हत्याकाण्डः न्याय की मांग को लेकर राजधानी में विशाल प्रदर्शन! वीआईपी एंगल को लेकर गरमाई राजनीति

  • Awaaz Desk
  • January 04, 2026
Ankita Bhandari murder case: Massive protest in the capital demanding justice! Politics heats up over VIP angle

देहरादून। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकाण्ड मामला खासा गरमाया हुआ है। इस मामले को लेकर तमाम राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन आक्रामक रूख अपनाते हुए लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में आज रविवार को अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के लोगों ने राजधानी देहरादून में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए निकले। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों के साथ युवाओं ने भी भाग लिया। सभी ने एक सुर में अंकिता को न्याय देने की मांग सरकार के सामने रखी। इससे पहले आज सुबह कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल, सीपीआई, बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, गढ़वाल सभा महिला मंच और अलग-अलग सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग देहरादून के परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। उसके बाद सैकड़ों की संख्या में परेड ग्राउंड पहुंचे लोगों ने विशाल रैली निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच किया। जैसे ही प्रदर्शनकारी हाथी बड़कला पहुंचे, पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी की ओर से कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में नए आरोप सामने आने के बाद संलिप्त लोगों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। 

एसआईटी सदस्य रहे शेखर सुयाल ने दी अहम जानकारी
इससे पहले शनिवार को पौड़ी के पूर्व एएसपी और एसआईटी सदस्य रहे शेखर सुयाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कई अहम जानकारी दी और उर्मिला सनावर द्वारा लगाए गए आरोपों का भी विस्तार से जवाब दिया। शेखर सुयाल ने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच एसआईटी ने की थी, उस जांच को हाईकोर्ट और सुप्रीम ने सही करार दिया था। शेखर सुयाल का कहना है कि एसआईटी जांच सही दिशा में की गई थी, तभी तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था और उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी। आज भी तीनों दोषी जेल में बंद हैं। एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि किस तरह उन्होंने इस केस में एसआईटी टीम में रहकर जांच की। जांच के दौरान ही गिरफ्तार आरोपियों में से दो दोस्तों के बीच एक चैट से वीआईपी का भी जिक्र आया, जिसके बाद एसआईटी टीम ने अंकिता के दोस्त से पूछा तो उसने भी बताया था कि 16 सितंबर को रिजॉर्ट में एक व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों के साथ था, जिसका पूरा हुलिया भी दोस्त ने बताया। इस बात को रिजॉर्ट के स्टाफ ने भी कंफर्म किया, जिसके आधार पर एसआईटी टीम में नोएडा में रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ प्रधान नाम के व्यक्ति तक पहुंची, जिनसे एसआईटी टीम ने बातचीत की और उनके बयानों को पुलिस ने विवेचना में शामिल किया। शेखर सुयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जब एसआईटी टीम ने जब धर्मेंद्र उर्फ प्रधान से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह किसी जमीन के सिलसिले में इस क्षेत्र में पहुंचे थे और कुछ देर के लिए रिजॉर्ट में खाना खाने के लिए रुके थे, जिस पर एसआईटी ने क्रॉस चेक किया। धर्मेंद्र उर्फ प्रधान द्वारा बताई गई सभी बातों को सही पाया गया।


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